मैं सब कुछ भूलने को तैयार हूं, आप परिवार को साथ रखने के लिए वापस आ जाएं - चिराग पासवान

मंगलवार, 15 जून 2021, पार्टी के संसदीय बोर्ड से बेदखल किए जाने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने चाचा पशुपति कुमार पारस को होली पर लिखा लेटर ट्विटर पर शेयर किया है। 6 पेज के इस लेटर का सार है कि चिराग पासवान पार्टी छोड़कर परिवार को एकजुट रखना चाहते हैं। कहते हैं कि मैं सब कुछ भूलने को तैयार हूं, आप परिवार को साथ रखने के लिए वापस आ जाएं।


चिराग ने अपने लेटर में कई जगह चाचा पशुपति कुमार पारस के लिए लिखा है कि आप बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीब हो गए थे। यह बात पापा (रामविलास पासवान) को पसंद नहीं थी। आपने मेरा साथ कई मौकों पर नहीं दिया। मेरा ही नहीं, आपने अपने भतीजे प्रिंस (समस्तीपुर सांसद) को भी प्यार नहीं दिया। पापा जैसा चाहते थे, मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर भी आप खुश नहीं थे। आपसे कई बार बात- मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन ठीक जवाब नहीं मिला। जब भी मौका आया, आपने नीतीश कुमार के खिलाफ कुछ नहीं कहा। आपके द्वारा पार्टी विरोधी बयान भी दिए गए, जिससे पापा नाराज भी हुए। आपने उसका खंडन भी नहीं किया। पापा के जाने के बाद जब मुझे आपकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, आप हमारे साथ नहीं थे, बल्कि नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे थे। आपने विधानसभा चुनाव में भी पार्टी का सहयोग नहीं किया। जबकि, आपकी हर डिमांड पूरी की गई। इन वजहों से अब रिश्तों पर भरोसा नहीं कर पा रहा हूं।


चिराग ने यह भी लिखा है कि कुछ समय पहले प्रिंस पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। वह प्रिंस को ब्लैकमेल कर रही थी। मैंने उसे पुलिस के पास जाने को कहा। इस मामले पर भी मैंने आपसे परिवार में बड़े होने के नाते बात करनी चाही, लेकिन आपने इस गंभीर मामले को अनदेखा कर दिया।चिराग ने अपने लेटर में प्रिंस के पिता स्वर्गीय सांसद रामचंद्र पासवान का भी जिक्र किया है। कहा है कि उनके जाने के बाद प्रिंस को भी आपकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, लेकिन आप हमारे लिए मौजूद नहीं थे। पिताजी के निधन के बाद मुझे और मां को आपकी व चाची की जरूरत थी, तब भी आप हमारे लिए नहीं थे।


मुझे और प्रिंस को चाचा की जरूरत है। इसलिए मैं यह सब भूलने को तैयार हूं, ताकि परिवार एकजुट रहे। पापा और मम्मी ने पार्टी और परिवार को एकजुट रखने के लिए मेहनत की है। मैं इस सपने को विफल होते नहीं देख सकता। इसलिए आपसे आग्रह है कि बड़े होने के नाते पार्टी और परिवार को एकजुट रखने की जिम्मेदारी उठाएं।


आपको बता दें कि बीते रविवार की शाम से ही पार्टी में कलह शुरू हो गई थी। सोमवार को चिराग पासवान को छोड़ बाकी पांचों सांसदों ने संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई और हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस को संसदीय बोर्ड का नया अध्यक्ष चुन लिया। इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर को भी दे दी गई। सोमवार शाम तक लोकसभा सचिवालय से उन्हें मान्यता भी मिल गई।

 
 
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