कड़ेमेटा कैंप पर नक्सलियों ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई करने पर भागे

 : नारायणपुर 27 फ़रवरी 2020 । जिला मुख्यालय से करीब 61 किमी दूर कड़ेमेटा पुलिस कैम्प में नक्सलियों के द्वारा बीती रात फायरिंग की गई। रात के अंधेरे में सुरक्षा बल के जवानों पर की गई ताबड़तोड़ गोलीबारी में किसी के हताहत नहीं होने की राहत भरी खबर है। जवानों के द्वारा आधुनिक हथियारो से नक्सलियों पर जवाबी फायरिंग करने के बाद नक्सली भाग खड़े हुए है। घटना की पुष्टि एएसपी जयंत वैष्णव ने की है। नईदुनिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि नक्सलियों के द्वारा सुरक्षाबलों को टारगेट करने के लिए बुधवार को रात के अंधेरे में गोली चलाई गई । जिसके बाद जवानों की ओर से जवाबी कार्रवाई में नक्सली भाग खड़े हुए हैं। बतादें कि पिछले डेढ़ माह से पुलिस के द्वारा बारसूर से पल्ली सड़क निर्माण कार्य को गति देने के लिए कैम्प को खोला गया है।नक्सलियों के आधार इलाके में सुरक्षा बल के जवानों के द्वारा डेरा डालकर कैम्प खोलने के बाद से लगातार नक्सलियों के द्वारा विरोध किया जा रहा है। बीस दिन पहले इस इलाके के करीब दो दर्जन गांव के सैकड़ों ग्रामीणों के द्वारा कैम्प के सामने धरना प्रदर्शन कर एक सप्ताह तक विरोध जताया गया है। जिसके बाद जिला प्रशासन के द्वारा ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाइश देकर कैम्प के सामने से उठाया गया।ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बातचीत के दौरान गांव में स्कूल,आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की सहमति बनी है। वहीं ग्रामीणों के द्वारा पुलिस कैम्प और बारसूर से पल्ली सड़क निर्माण कार्य को बंद करने की मांग की गई थी जिसे जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आश्वासन देकर टाल दिया है।मालूम हो कि इस इलाके में बुधवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ भी हुआ था। जिसमें एसटीएफ का जवान संजय बड़ा के पैर में गोली लगी है। जिसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। मालूम हो कि कड़ेमेटा से छह किमी पहले कड़ेनार कैम्प में आईटीबीपी के छह जवान आपसी गोलीबारी में अपनी जान गंवा चुके है।बस्तर,कोंडागांव और दंतेवाड़ा सीमा के अन्तर्गत आने वाले इस इलाके में सात दशक के बाद फोर्स की चहलकदमी हो रही है। जिससे नक्सलियों में बौखलाहट दिख रही है। यह वही इलाका है जहाँ नक्सलियों द्वारा अपहरण किये गए सीएएफ के पांच जवानों को समाजसेवी स्वामी अग्निवेश के द्वारा नक्सलियों के वार्ता कर अपहृत जवानों को रिहा कराया गया था। अबूझमाड; के बाद नक्सलियों का सबसे सेफ जोन माने जाने वाले कड़ेमेटा इलाके में नक्सली की ठौर में सुरक्षाबलों की तैनाती से माहौल गरमाया हुआ है।

 
 
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